तेल पानी पर क्‍यों तैरता हैtopjankari.com

तेल पानी पर क्‍यों तैरता है

तेल पानी पर क्‍यों तैरता है.

save water save tree !

जब काई बस्‍तु पानी के ऊपर तैरती है तो उसका धनत्‍व पानी के धनत्‍व से कम होता है दरअसल तेल के अणुओं की सघनता पानी की अणुओं की सघनता से कम होती है। दूसरी वजह है ये तेल और पानी आपस में अविलेय है, मतलब ये कभी भी घुल या मिल नहीं सकते हैं ये दोनो आपस में घुलते नहीं है, अगर हम इन्हें काफी जोर से हिलाएं या मिलाने की कोशिश कर लें, थोड़ी देर बाद पानी और तेल अलग हो जाते है इसलिए वह पानी के ऊपर तैरता है 

वहीं अगर दूसरी तरह से देखें तो पानी के अणु(Water molecules) धुर्वीय(Polar) होते है पानी के अणु के एक सिरे पर धनात्मक आवेश(Positive charge) होता है और एक सिरे पर ऋणात्मक आवेश(Negative charge) होता है इसी वजह पानी के अणु एक दूसरे से चिपक जाते है जबकि तेल(डीजल, पेट्रोल, कैरोसिन आदि) के अणु गैर-धुर्वीय(Non-polar) होते है इसीलिए तेल और पानी के अणु एक दूसरे के प्रति आकर्षित नही होते तो अब आप समझ गये होंगे कि तेल पानी के ऊपर क्‍यों तैरता है  

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